सम्राट मिहिर भोज किस जाति से थे, जानिये सच !
सम्राट मिहिर भोज किस जाति से थे | Mihir Bhoj ki Caste Kya hai
सम्राट मिहिर भोज के गुर्जर जाति से होने के प्रमाण :
- चालुक्य नरेश पुलकेशियन द्वितीय का एहोल अभिलेख -
- दद्दा प्रथम का अभिलेख :
- सज्जन ताम्रपत्र
(मजूमदार और दासगुप्त, भारत का एक व्यापक इतिहास)। अमोगवरास (शक संवत 793 = एडी 871) के संजन तांबे की प्लेट शिलालेख दांतिदुर्ग को उज्जैनिस दरवाजे के रखवाले (एल, वॉल्यूम XVIII, पृष्ठ 243,11.6-7)तो इस शुभ अवसर पर गुर्जर आदि राजाओ ने यज्ञ की सफलता पूर्वक सचालन हेतु यज्ञ रक्षक ( प्रतिहार ) का कार्य किया । ( अर्थात यज्ञ रक्षक प्रतिहारी का कार्य किया )और प्रतिहार नाम दिया ( " हिरणय गर्भ राज्यनै रुज्जयन्यां यदसितमा प्रतिहारी कृतं येन गुर्जरेशादि राजकम " )
इससे भी यही प्रमाणित होता है कि प्रतिहार गुर्जर जाति से हैं।
- बडोदा ताम्रपत्र -
कर्क राज का बडोदा ताम्रपत्र शक स. 734 ( 811-812 ई ) इस अभिलेख मे गुर्जरैश्वर नागभट्ट - II का उल्लेख है । ( गोडेन्द्र वगपति निर्जय दुविदग्ध सद गुर्जरैश्वर -दि गर्गलताम च यस।
- बगुम्रा-ताम्रपत्र -
( 915 ई. ) इन्द्र - तृतीय का बगुम्रा -ताम्र पत्र शक सं.837 ( 915 ई ) का अभिलेख मे गुर्जर प्रतिहार राजवंश के राजा सम्राट महेन्द्र पाल या महिपाल को दहाड़ता गुर्जर ( गर्जदै गुर्जर - गरजने वाला गुर्जर ) कहा गया है । ( धारासारिणिसेन्द्र चापवलयै यस्येत्थमब्दागमे । गर्जदै - गुर्जर -सगर-व्यतिकरे जीणो जनारांसति।)
{ सन्दर्भ :- 1. बम्बई गजेटियर, भाग -1 पृष्ट - 128, नोट -4 2. उज्जयिनी इतिहास तथा पुरातत्व, दीक्षित - पृष्ठ - 184 -185 }
ये ताम्रपत्र उन बातों को खंडित करता है, जो राजपूत कहते हैं कि गुर्जर उपाधि है और स्थान का नाम है।
बगरुमा ताम्र पत्र के अभिलेख के अभिलेख में महेंद्र पाल को दहाड़ता गुर्जर कहा गया है। अब जगह तो दहाड़ नहीं सकती है क्यूंकि वो निर्जीव है। इससे यह प्रमाणित होता है कि प्रतिहार गुर्जर थे।
राजोरगढ अभिलेख :
( 960 ई. ) - गुर्जर राजा मथन दैव का वि.स.( 960 ई ) का राजोर गढ ( राज्यपुर ) अभिलेख मे महाराज सावट के पुत्र गुर्जर प्रतिहार मथनदैव को गुर्जर वंश शिरोमणी तथा समस्त जोतने योग्य भूमि गुर्जर किसानो के अधीन उल्लेखित है । ( श्री राज्यपुराव सिथ्तो महाराजाधिराज परमैश्वर श्री मथनदैवो महाराजाधिरात श्री सावट सूनुग्गुज्जॆर प्रतिहारान्वय स्तथैवैतत्प्रतयासन्न श्री गुज्जॆर वाहित समस्त क्षैत्र समेतश्च ) ***
Final Words :
राजपूतों का एक शिलालेख भी देखने को नहीं मिलता है। १२ वी सदी से पहले ये खुद का वजूद भी साबित नहीं कर सकते।
मैं किताबों में लिखे हुए कि बात नहीं कर रहा क्यूंकि किताबे तो बदलती रहती हैं।
मै चैलेंज करता हूँ , अगर कोई राजपूतो का शिलालेख दिखा दे गुर्जर प्रतिहार काल में। 😂 हवाबाजी से कुछ नहीं होता।
तो इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आपको विशवास हो ही गया होगा कि सम्राट मिहिरभोज क्षत्रिय गुर्जर जाति से थे।
धन्यवाद ! आगे भी और ऐसे ही post पढ़ने के लिए आप Gurjaratra से जुड़े रहें।
Q/A
Q: Mihir Bhoj kis jati ke the ?
A: मिहिर भोज गुर्जर जाति के थे और सनातन धर्म रक्षक थे। वे गुर्जर प्रतिहार वंश के शाषक थे।"
Q: Mihir Bhoj kaun the ?
A: "सम्राट मिहिरभोज गुर्जर भारत के एक महान सम्राट थे। जिन्होंने अरबियों को भारत मे घुसने ना दिए। इनके चर्चे भारत से लेकर अरब तक फैले हुए हैं।"

4 comments
jai Hindu samraat MihirBhoj Gurjar ji ki